गाय और भैंस के दूध में अंतर :
गाय और भैंस का दूध पोषक तत्व व खनिजों से भरपूर होता है । इस कारण इन्हें सेहत के लिए अच्छा माना जाता है । हालांकि गाय व भैंस के दूध में पोषक तत्वों की मात्रा व उसकी सुपाच्यता में अंतर होता है । ऐसा माना जाता है कि गाय का दूध आसानी से पच जाता है । भैंस का दूध अपेक्षाकृत भारी होता है । इसे पचाने में कई लोगों को दिक्कत भी होती है । यह वजन भी बढ़ाता है । डेयरी प्रोडक्ट के लिए भैंस का दूध ज्यादा प्रयोग में आता है ।
सुपाच्य और मानसिक विकास के लिए अच्छा यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है । इसे नियमित लेने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं । दांतों व हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम की ज्यादा जरूरत होती है । इसमें प्रचुर कैल्शियम दांतु , हड्डियों को मजबूत करत है । दूध से त्वचा निखरती है । दूध मिलाकर नहाने से भी त्वचा में चमक आती है । किस गाय का दूध कितना अच्छा बच्चों के लिए मां के दूध के बाद गाय का दूध अच्छा माना जाता है । आयुर्वेद के अनुसार क बुद्धिको बढ़ाने वाला होता है । उम्र के अनुसार और सही तरीके से लेने से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास सही तरीके से होता है । काली गाय का दूध सर्वोत्तम बताया गया है । क और भूरी वचितकबरी गाय का दूध वातनाशक होता है । पीली गाय का दूध वात के सथ पित्त नाशक होता है । श्वेत का दूध कफप्रद है ।
"जानिए 100 मि। ली। दूध में इन सात तत्वों की मात्रा अलग - अलग होती है।":&"
1) प्रोटीन: मैंस के दूध में गाय I) के दूध की अपेक्षा प्रोटीन अधिक होता है। मैंस के दूध में 18 तो गाय के दूध में 164 प्रतिशत प्रोटीन होता है। ज्यादा प्रोटीन के कारण भैंस का दूध कम सुपाच्य और गाय का दूध अधिक पाचक होता है।
2.फैट: भैंस के दूध में 7% व गाय के दूध में 4% फैट होता है। ऐसे लोग जिन्हें खाना नहीं पचता, डाइटिंग या जिमिंग करते हैं उनके लिए गाय का दूध अच्छा है। भैंस के दूध में 13 ग्राम व गाय में 12 ग्राम होता है।
3.कैल्शियम: भैंस के दूध में कैल्शियम 41% गाय के दूध में 27% होता है। मैंस के दूध में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, सोडियम की मात्रा अधिक होती है। गाय में विटामिन ए 9% तो भैंस के दूध में 7 प्रतिशत होता है।
4.कोलस्ट्रोल: आईस के दूध .गाय की अपेक्षा कोलस्ट्रोल कम होता है। यह पीसीओडी, हाइपर रोग, किडनी रोग और मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए लाभकारी है। गाय के दूध का घी पित्त शांत करता है व भैंस का घी कफ उठता है।
5 कैलोरी: Ias के 100 J) मि। ली। दूध में 110 कैलोरी व गाय के दूध में 66 कैलोरी होती है। मैंस के दूध से बने डेरी उत्पाद को ज्यादा समय के लिए स्टोर किया जा सकता है जबकि गाय के दूध वाली चीजों को नहीं कर सकते हैं।
6 पानी: गाय के दूध में लगभग 87 प्रतिशत तक पानी होता है। इसलिए यह काफी हल्का होता है। गाय का दूध शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। लेकिन मैंस के दूध में ज्यदापनी (8 प्रतिशत) होता है। इसके अलावा आईस के दूध में उसे गाढ़ा बनाने वाले पदार्थ ज्यादा होते हैं।
7. विटामिन - मिनरल्स: भैंस के दूध में सोडियम 127 मिग्रा व गाय में 105 मिग्राहेंस है। यह महिलाओं और बच्चों के लिए अधिक उपयोगी होता है। मैंस के दूध में 2 प्रतिशत आयरन होता है जबकि गाय के दूध में नहीं होता है।
• गाय का दूध शरीर में वायरस अटैक को कम करता है। इसमें शरीर को सुरक्षा देने के लिए कई तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को बाहरी कीटाणों से रक्षा करते हैं। फैरीनो नामक तत्व याद्सम उठता है। सूर्य केतु नाड़ी की वजह से दूध में कैरोटीन एंजाइम्स पाया जाता है जो विटामिंस की पूर्ति करता है। गाय का धारोष्म यानी तुरंत निकली हुई दूध नेत्र ज्योति, कैंसर व कई जटिल दोषों को दूर करने वाला होता है। यह तर्क शक्ति को भी बढ़ाता है। यह सात धातुओं का रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्रवर्द्धक होता है। इसके सुचारु कार्य करने में भी मददकरता है। इस तरह यह सब होता हैरोगनाशक ने बताया है। इसके दूध में पाया जाने वाला स्ट्रोनसीएन तत्व मस्तिष्क के विकास के लिए फायदेमंद है। इसमें तर्कशक्ति बढ़ाने वाले तत्व भी पाए जाते हैं। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो रक्त व नाड़ियों में होने वाली रुकावट को सही करता है।


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