युवा ऐसे रख सकते हैं अपना हार्ट फिट
हार्ट की फिटनेस रखने के लिए छह मिनट में 500 मीटर पैदल चल रही है। इस दौरान सांस नहीं फूलरही या अन्य समस्या नहीं होती है तो हदय को सामान्य रूप से स्वस्थ मानते हैं।
कोलेस्ट्रॉल ऐसे चैट्स: हाई फाइबर युक्त चीजें जैसे चोकर, सोयाबीन मिले आटे की रोटी, दलिया, छिलके वाली मूंग दाल, अंकुरित गेहूं, फल - सब्जियां और लहसुन, अदरक नियमित लिजिए।
भरपूर नींद जरूरी: रात को छह घंटे से कम सोनेवाले लोगों को हार्ट स्ट्रोक काखारा अधिक होता है। 7 - 8 घंटेकी नींद लें। कार्यक्षमता भी अच्छी रहेगी।
1."क्या थकान, सांस फूलना हृदय रोगों के लक्षण हैं?
सामान्य लोगों की तुलना में जल्दी थकने, तेज चलने व सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूलने, खांसी की शिकायत होती है तो यह सामान्य खांसी - जुकाम समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसा हृदय पर दबाव पड़ने से होता है। इससे दिल शरीर में रक्त नहीं भेजता है। ऑक्सीजन, पोषक तत्वों की कमी के साथ हानिकारक तत्व बढ़ते हैं। इससे शरीर में हृदय संबंधी समस्याओं की शुरुआत होती है।
Q 2.हृदय रोगों के पीछे क्या कारण होते हैं?
हृदय को नुकसान पहुंचाने या उसपर दवाव बढ़ाने वाली गतिविधि और गलत भोजन से समस्या बढ़ रही है। हृदय रोगों जैसे कोरोनरी आर्टरी या वाल्व डिजीज, हार्ट की मसल्स में सूजन, जन्मजात हृदय की विकृति होती है। शराब, शराब पीने, कुछ दवाओं का प्रभाव से भी समस्या होती है। एनीमिया, किडनी रोग, अनियंत्रित डायबिटीज, थायरॉइड से रोग की आशंका बढ़ती है।
Q 3."हार्ट अटैक को कैसे पहचानते हैं?
हाई बीपी से धमनियों में क्षति होने से हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अधिक अधिक होने पर ऐसी स्थिति बनती हैं। सांस लेने में परेशानी, खांस आना, पैरों में सूजन, वजन बढ़ना, जल्दी थकना, चक्कर, अनियत्रित धड़कन, चेस्ट पेन करना, सांस का तेज चलना, पीठ आना प्रमुख है। भूख ना लगना, रात में बार - बार यूरिन आना प्रमुख लक्षण हैं।
Q4." हार्ट अटैक के बाद क्या होता है?
हार्ट अटैक को हदयाघात कहते हैं। इस स्थिति में हदय पूरी तरह से काम करना बंद नहीं करता है। हृदय बड़ी मुश्किल से काम करता है। ऐसे में उस पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है। अटैक आने के बाद जीभ के नीचे एस्पिरिन की एक गोली रखने से जोखिम काफी कम हो सकता है। 1 - 6 घंटे महत्वपूर्ण होते हैं। जल्द ही इलाज से दिल की मांसपेशियों को होने वाला नुकसान कम हो सकता है। हार्ट अटैक किसी भी उम्र में हो सकता है।
Q5."ऐसे में तुरंत क्या करना चाहिए?
सबसे पहले रोग के लक्षणों को पहचानकर तुरंत निकटतम अस्पताल में दिखाएँ। चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराएं। बाद में चिकित्सक की बताई दवाएं नियमित लें। अपने मन से दवाओं की खुराक में बदलाव व बंद न करें। बताए गए समय पर परामर्श लें व संबंधित विवरण बनाते हैं। जीवनशैली में बदलाव करें, जैसे पानी व नमक की मात्रा, स्म व शराब का प्रयोग बंद करें। हृदयाघात से रोगी की इम्यूनिटी घट जाती है। इसके लिए कई बार रोगियों को वैक्सीन भी दी जाती है। चिकित्सक की परामर्श से शारीरिक क्षमत के रूप में नियमित हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं।
बच सकते हैं हार्ट अटैक से
" जब कभी हृदय को पर्याप्त मात्रा में रक्त व। ऑक्सीजन एकीकरणमिलने से मांसपेशियों में टर्ट होता है तो इसे एंजाइना कहते हैं। यह कोरोनरी हार्ट डिजीज का एक लक्षण है। यदि छाती में पहली बार तेजर्ट होता है तो इसका बदहजमी, पसलियों या खांसी से उठे दर्द से अंतर समझने में होता है। समय पर पहचान से सही उपचार संभव होगा। एंजाइना तीन तरह का हो सकता है। स्टेबल एंजाइना: शारीरिक गतिविधि सीढ़ियां चढ़ने, रहने या अधिक भावुकता के कारण होता है। आराम करने पर कम हो जाता है। अनस्टेबल एंजाइना: आराम करो, सोते हुए हो सकता है। सर्दी में बहुत कुछ होता है। प्रिंजमेटल एंजाइना: दिल की धमनियों के अस्थायी रूप से सिकुड़न के कारण होता है। इसकी समय से पहचान, इलाज न होने से स्थिति खतरनाक हो सकती है।


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